चंचल नाथ अघोरी
चंचल नाथ अघोरी ( chanchal nath aghori biography ): चंचल नाथ अघोरी, चंचल नाथ अघोरी जीवनी, अघोरी बाबा, करनाल आश्रम, मां काली मंदिर अघोर पंथ का नाम सुनते ही मन में जिज्ञासा और रहस्य का भाव जाग उठता है। इसी पंथ की एक प्रमुख साधिका हैं चंचल नाथ अघोरी, जिनकी वेशभूषा, साधना पद्धति और चमत्कारों ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। आइए जानते हैं उनके जीवन, साधना, और आश्रम से जुड़े रोचक तथ्य।
चंचल नाथ अघोरी का प्रारंभिक जीवन ( chanchal nath aghori biography )
chanchal nath aghori का जन्म बंगाल के एक आध्यात्मिक परिवार में हुआ। बचपन से ही उनमें अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि थी। महज 6-7 वर्ष की उम्र में ही उन्हें परिवार द्वारा कुल गुरु को समर्पित कर दिया गया। यहीं से उनके अघोर मार्ग की शुरुआत हुई। 12-13 साल तक बंगाल में रहकर उन्होंने गुरु से तांत्रिक क्रियाएं, मंत्र सिद्धि, और अघोर विद्या सीखी।
करनाल आश्रम: मां काली का निवास
साधना के बाद Chanchal Nath Haryana के करनाल जिले (घरौंडा) में बस गईं। यहाँ उन्होंने एक आश्रम और मां काली का मंदिर स्थापित किया।आश्रम की मां काली की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। प्राण प्रतिष्ठा के समय एक नेत्रहीन महिला की आँखों की रोशनी लौट आई थी।यहाँ नियमित अखंड हवन और तांत्रिक क्रियाएं होती हैं, जिनमें भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए चमत्कार
हवा में नींबू उठाना: Chanchal Nath को एक वीडियो में हवा में नींबू उठाते देखा गया, जो अघोर क्रियाओं का हिस्सा बताया जाता है। उनकी लंबी जटाएँ और कपाल (खोपड़ी) में भोजन करने का तरीका लोगों को हैरान करता है। एक शिष्य द्वारा गाड़ी भेंट किए जाने का वीडियो भी खूब वायरल हुआ।
अघोर पंथ और साधना पद्धति
अघोरियों द्वारा श्मशान में साधना, भस्म लगाना, और कपाल का उपयोग किया जाता है। चंचल नाथ मां काली की परम भक्त हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए कठोर तप करती हैं। आश्रम में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर और भोजन सेवा जैसे कार्य भी चलते हैं।
FAQs: चंचल नाथ अघोरी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. चंचल नाथ का आश्रम कहाँ स्थित है?
उत्तर: करनाल (हरियाणा) के घरौंडा इलाके में।
Q2. उनकी जटाएँ इतनी लंबी कैसे हैं?
उत्तर: वे भस्म और हर्बल उपचार से अपने बालों की देखभाल करती हैं, जो साधना का हिस्सा है।
Q3. क्या उनके चमत्कार सच हैं?
उत्तर: भक्तों का मानना है कि मां काली की कृपा से ये संभव हैं, हालाँकि विज्ञान इन्हें तर्क से नहीं देखता।
चंचल नाथ अघोरी ( chanchal nath aghori ) ने अघोर पंथ को आधुनिक युग में एक नई पहचान दी है। उनकी साधना, समाज सेवा, और मां काली के प्रति समर्पण लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। यदि आप करनाल के आश्रम जाएँ, तो इस रहस्यमयी साधिका के दर्शन जरूर करें!